मोजुली...


तपन तो नहीं,
हाँ उमस बहुत थी उस रोज.
यूँ अमूमन जून में,
तपिश भी हुआ करती है.

पर मौसम का मिजाज़,
मुश्किल है समझना.
घर से कोई,
आठ सौ मील दूर.

वैसे भी वो सिर्फ,
पाँचवा दिन ही था,
अखमिया माहौल में मेरा.

कहते हैं आदत,
छूट जाती है,
वक़्त के साथ.
लत नहीं छूटती.

लत....अल्ल सवेरे ही,
निकल जाने की,
पैसेंजेर ट्रेनों में.
खरीद टिकट जो,
मिल जाएँ दे,
जेब के सारे चिल्लर.

बोंगाइगाँव,
शायद सबसे आसानी से,
यही कह सकता था मैं.

कोई १३० मील दूर,
गुवाहाटी से,
छोटा सा मनोरम कस्बा.

निर्जन सड़कों को,
अदद साथी क़ुबूल हो.
आवारा कदम भी,
कुलबुलाते हैं.

नजदीक ही है जोरहट,
यही रहते हैं,
सबसे मीठे असमी,
अनानास जो बहुत खाते हैं.

तभी ब्रम्हपुत्र फ़ैल गई,
यहीं बहुत शायद नेह से.

बरसात में नानी के,
घर के अलावा,
टापू यहीं देखा मैंने.

अनजान जगह संकेत,
कितने अपने होते हैं.
मोजुली जाकर समझी,
मैंने इसकी शिद्दत .

उसे चाय की पत्तियाँ,
चुनते देखना धीमे-धीमे,
आँखों के सुकून का,
सामान था.

डेढ़ साल हुए आज,
किसी ने पूछा,
"कहाँ है मोजुली?"
आज दिल्ली में,
उमस बहुत है ना??


बोंगाइगाँव एक छोटा कस्बा है असम का. वहाँ से कोई ५०-६० किलोमीटर दूर एक और कस्बा (आंचलिक है बहुत) है जोरहट.
वहाँ ब्रम्हपुत्र काफी चौड़ी हो जाती है और नदी में सबसे बड़ा द्वीप वहीँ है...........नाम है मोजुली.
वहाँ लड़कियों का बहुतायत में रखा जाने वाला नाम भी मोजुली ही है.....और असम के लोग असमिया नहीं बोलते...उनका उच्चारण होता है "अखमिया"

5 टिप्पणियाँ:

रश्मि प्रभा... said...

तुम्हारा प्रस्तुतीकरण कमाल का होता है

VaRtIkA said...

avinash....ekdam akhamiyaa jitni meethi lagi yeh rachnaa...made me feel nostalgic abt the place.... though i just spent some 10 days there, par phir bhi uss jagah ne, vahan ke logon ne... jaise ghar kar liyaa hai zehan mein... thnks 4 bringing those memories alive again.. :)

aur sach kaha rashmi di ne ki aapkaa prastutikaran kamaal kaa hota hai... kavitaa ke mool vichaar ke alawaa bhi kaafi kuch hotaa hai pathaka ko apne saath le jaane ke liye...

"बरसात में नानी के,
घर के अलावा,
टापू यहीं देखा मैंने."... the thought made me chuckle.. :)

"अनजान जगह संकेत,
कितने अपने होते हैं.
मोजुली जाकर समझी,
मैंने इसकी शिद्दत . ".... itni sehejtaa...????? uff...!!!

Avinash Chandra said...

Bahut shukriya Rashmi ji
aap aayin achchha lag

Avinash Chandra said...

Vartika...Aap itni taareef karengi?
Kaise chalega?

Bahaut shukriya..I am feeling highly obliged.

Main koi 1 mahine raha tha.
Aap asam me rahi hain?
badhiyaa hai

संजय भास्कर said...

हर शब्‍द में गहराई, बहुत ही बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

Sanjay kumar
http://sanjaybhaskar.blogspot.com